****शब ए गम ****

रात कर गई हमें दूर तो क्या, तू है मन में ये शोर सा हुआ।
तूझ संग बीते ना कल तो क्या, तू है हर ओर फैला हुआ।।
हँसना रोना संग ना सही, तूझे सुनना भी मुश्किल हुआ।
तू खिलता रहे हर  मुस्कान में  ये एहसास क्या कम हुआ।।
तू सदा रहे इस अंतर्मन में, जैसे कोई पहलू हो अनछुआ ।
वो पल सदा रहूँ मैं जीती, जिस पल में तूने मुझको छुआ।।
हो पुलकित सदा तेरा ये मन, जिस मन में तूने हमको रखा।
है प्यार अगर ना कभी भुलाना, ये हमारा मिलन जो हुआ।।
कभी पलक पर आँसू आये, हँस देगें जैसे गम ना हुआ।
याद करेंगें तुझको बिन रोये, आज ये वादा खुद से हुआ।।


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