****मीत ****

तूम मेरे मीत भी और प्रीत भी, सांसो मे घुला और धडकन मे बसा गीत भी।
तुम से है उजाले और अंधेरे भी, तुम सुरज की तपिश और चाँद की ठंडक भी।।
तुम हर पल, आज और कल भी, तुम ही हर सूं तुम मेरे संसार भी।
तुम से है जीवन में प्यार भी, मेरा तो हर पल कहता करूं तेरा दीदार ही।।

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