****खुशी ****

आज के दिन ही मिली मैं तुमसे, पाकर तुमको मिली खुशी से।
तुम से ही मैं माँ कहलाई, पहली बार आँखे छलकी खुशी से।।
देख तुम्हें एहसास हुआ ये, जैसे जन्नत पायी तुम्ही से।
तुम से हर स्वप्न है पूरा, तुम आई धरा पर स्वर्ग से।।
नाना-नानी, मौसी-मामा,तुम उनकी दुलारी हो  सबसे।
प्यार दुलार भी मिला खुब है क्योंकि आई पहले सबसे।।
आज सभी की यही दुआ है, फूलो फलों और बढो दिल से।
जहां तलक नजर ये जाती, तुम पहुंचो बस उस मंजिल पे।।

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