****प्रेम पाश ****

हमने समझा प्यार हुआ था, उनको भी इकरार हुआ था।
बहने लगे हम उस पल में, जिसमें उनका दीदार हुआ था।।
ना सोचा की बुरा भला क्या, दिल को वो लगा भला था।
बढते रहे हम उसके पीछे, नहीं सुना जो शोर था पीछे।।
पलकें मूदें आँखे मिचें, मिलते थे वो इश्क जहां था।
तेरी यादें, बाहें और बातें, हर पल तेरे साथ बुना था।।
क्या थी खबर वो ये कह देंगें, भूल जा जो हमने कहा था।
वो जो दिखता प्यार था, वो ख्वाबों का जाल था।।
तोड चले तुम एक ही पल में, जो कभी स्वप्न संसार था।
ना सोचा तुमने एक पल, दिल में क्या यही प्यार था।।
जो मेरे आँसू ना देखे सोचूँ कभी क्या सच वो प्यार था।
जो मेरी सिसकी ना समझे, क्या वो सचमुच तेरा प्यार था।।
मत पड इस मोह पाश में, हुआ वही जो तेरा आज था।
मान जा दिल अब बात ये,  छल था कोई जो प्यार नहीं था।।

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