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Showing posts from 2017

*****हिसाब ****

क्या पाया, क्या खोया, इसका हिसाब प्यार क्या रखे|
जो मिला नसीब से प्यार, क्या हम उसे ना संजो के रखें||
दूर जाना ना कभी हमसे प्यार की कश्ती के मुसाफिर |
कि जब हिसाब हो प्यार का तो उसमें तेरा और मेरा ही नाम रहे||
प्यार दिल में हो इस कदर की आखों में तेरा ही नाम रहे|
जो खोया दिल, तो दर्द पाया है चलो इस दर्द को संभाल कर रखें|

****हार ****

हार गया दिल तुझे याद करके टूट गया दिल फरियाद करके
हाँ अब रात काली है बस..... अब तुम्हारी बारी है

****अधूरापन ****

हाँ अधूरी है बात कोई, अधूरी है रात कोई
अधूरे है ख्वाब की, अधूरे हालात कई
अधूरे से मन की है, अधूरी सी आस कोई
अधूरे हम अधूरे तूम, जैसे ना पास कोई
अधूरा एक पल कहीं, अधूरे दिन रात कहीं
अधूरे ही मन से सही, पुकारे है पास कोई
अधूरा कोई जी रहा है, जैसे अधूरा एहसास कोई
अब तो सुन ले ऐ खुदा, कर दे पूरी बात कोई
कर दे पूरी बात कोई, कर दे पूरी बात कोई

****काश ****

🌹🌹🌹🤗🤗🤗🤗🌹🌹🌹
काश की तू वो सुने जो शब्द नहीं कहे हमने।।
काश की तू भी वो कर दे जो ना चाहा है हमने।।
काश कोई दिन ऐसा हो जो ना देखा हमने।।
काश कभी तू कह दे जो सुनना चाहा इस दिल ने।।
काश तू आए दूर कहीं से सिर्फ मुझसे ही मिलने।।
काश की मैं पहुंच सकूं जब तू बुलाए दिल से।।
काश बहुत है इस जीवन के जो है सोचे हमने।।
काश वो सारे सच हो जाये जो काश है पलके मूदें।।
काश कभी उसको जी लें जो काश बनाये हमने।।
😊🤗🌹🌹🌹🌹🌹🌹🤗😊

****बेजुबान ****

दिल कहता है आज कुछ लिख दें, कि बस में नहीं है आज वो लिख दें|
कब तक यूं ही घुट घुट जीयें, कभी तो करें आगाज, कुछ लिख दें|
मन में अतंरद्वन्द्व कई पर, इनको छोड़, मन की आवाज़  लिख दें|
दबी हंसी और छुपी खुशी से दूर करें सब कयास और लिख दें|
जीवन की इस धूप छांव के, उँचे नीचे पड़ाव सब लिख दें|
लिख दें वो छूटे से लम्हे, कुछ टूटे लम्हात भी लिख दें|
करें कोई जो शोर सा मन में, उसकी चीख पुकार को लिख दें|
जो गर सुन ले एक बार वो, मन के सारे तार वो लिख दें|
दिल कहता है आज कुछ लिख दें, कि बस में नहीं है आज वो लिख दें|

****रूठना ****

रूठ कर ना जाना कभी शबे महफिल से, उठते हैं तूफान ए जज्बात इस दिल में |
मनाना हमको आता है हक से, पर वो मानते नहीं हमसे ||
करो ना गुरूर इतना भी हम से, हम जो चले गए फरियाद करोगे रब से |
आज जो पल मिले जी लो खुशी से , कल ना कहना मिले नहीं हंसी से ||
मनाने रुठने के तजुर्बे हैं ता उम्र से, है यही दुआ ना रुठे जिंदगी ये हमसे |
मान जाओ की जिंदगी है बेवफा, फिर ना कहना 'कहाँ खो गए' हमसे ||

****ख्वाहिश ****

ख्वाहिश नहीं इस दिल की, कोई हमें खुदा समझे|
क्योंकि दिल तो हम रखते हैं इंसानो सा||
खुदा समझकर ना पूजेंगे यही चाहत है |
कुछ ना सही बस ख्याल रखें इसकी ख्वाहिशों का||

****गलती ****

गलती किसकी है? जो कह दे, और चल दे।
या फिर उसकी जो सुन ले, और सह लें।।
कहना- सुनना तो एक रस्म है,  ऐ दोस्त
हाँ! गलती उसकी है, जो इसे दिल पर ले।।
मतलब परस्त दुनिया है ये, इतने हल्के में ना ले।
साया भी सुना जाएगा तेरा, वक्त तो बदलने दें।।
कहकर उसने सोचा कुछ बोझ हल्का हुआ।
क्या फर्क पड़ता है, दूजा किस अंदाज में ले।।
किसी के दिल पे क्या गुजरी, यह भी तो सोच लें।
हँसा कि रोया कभी उससे यह भी तो पूछ लें।।

****हकीकत ****

याद करें जब मन में उनको, आँखें भूलें पलकें मूदें
यहाँ वहाँ सब शोर सा गुजें , पर कुछ भी ना समझे मन को
कभी हंसी तो कभी है आंसू, होंठ और आँखे भेद ये खोले
तू आता सा लगे दूर से, पास जो आये मन तुझे टटोले
हाँ करता है कल्पना ये मन, पर कल्पना वही जो हकीकत बोले

****शब ए गम ****

रात कर गई हमें दूर तो क्या, तू है मन में ये शोर सा हुआ।
तूझ संग बीते ना कल तो क्या, तू है हर ओर फैला हुआ।।
हँसना रोना संग ना सही, तूझे सुनना भी मुश्किल हुआ।
तू खिलता रहे हर  मुस्कान में  ये एहसास क्या कम हुआ।।
तू सदा रहे इस अंतर्मन में, जैसे कोई पहलू हो अनछुआ ।
वो पल सदा रहूँ मैं जीती, जिस पल में तूने मुझको छुआ।।
हो पुलकित सदा तेरा ये मन, जिस मन में तूने हमको रखा।
है प्यार अगर ना कभी भुलाना, ये हमारा मिलन जो हुआ।।
कभी पलक पर आँसू आये, हँस देगें जैसे गम ना हुआ।
याद करेंगें तुझको बिन रोये, आज ये वादा खुद से हुआ।।


****सुबह ****

नई सुबह में नई धूप से, चलो खिले एक नए रुप से।
बीते कल की यादें लेकर, बढें चलें हम उसी प्यार से।।
प्यार जहाँ हो हर पल दिल में, और मिले हम हरपल खुद से।
नहीं हो गम ना रोना कोई , बस प्यार ही छलके अंतर्मन से।।

****वेलेंटाइन डे ****

आज सुबह से शाम हुई, बस यही देखते यही सुनते।
"हैप्पी वैलंटाइन डे" हम तुम्हारे बिन रह नहीं सकते।।
पर क्या है ये असली प्यार का इजहार जो हम करते।
क्या यही है असली प्यार जो बड़ी बड़ी बातें हम करते।
सुने हैं बहूत से अल्फाज़ जो प्यार में परवान हैं चढते।।
पर दिल को लगता सा नहीं कि इसको प्यार है कहते।
पर जो दुनिया देखे शायद उसे ही हम प्यार है कहते।।
मेरी सोच अलग है सबसे प्यार नहीं हम इसको कहते।
दिल में बसी  बात को पढ ले, बिना कहे जज़्बात को सुन ले।।
रोती हुई आँख वो पढ ले, दबी हुई सी आह समझ ले।
होठों पर खिले मुस्कान सा, दिल मे छुपा गुबार वो सुन ले।।
जो डरता हो खोने से,और तेरे लिये भगवान से लड ले।
जिसको हो ना खौफ जहां का, तेरी कही राह पर चल दे।।
वही है सच्चा प्यार जहां में, जो तुझमें ही संसार को पढ ले।
कभी जो आँसू छल पडें तो उनको वो पलकों पर रख लें।।

****तूफान ****

किसने देखा तूफान को उठते हुए, जो लेकर चला गया सबकुछ किसी का।
ज्वार भाटे सा आया और  ऊथल पुथल  कर गया राज़ ए दिल का।।

****शोर ****

मन के उजालों से दूर कहीं,
पलकों की चिलमन से
ओझल कोई।
दूर जहाँ तक नजर गई,
है कुछ भी नहीं
बस शोर यही।।
तनुजा

****मीत ****

तूम मेरे मीत भी और प्रीत भी, सांसो मे घुला और धडकन मे बसा गीत भी।
तुम से है उजाले और अंधेरे भी, तुम सुरज की तपिश और चाँद की ठंडक भी।।
तुम हर पल, आज और कल भी, तुम ही हर सूं तुम मेरे संसार भी।
तुम से है जीवन में प्यार भी, मेरा तो हर पल कहता करूं तेरा दीदार ही।।

****साथ ****

आज का दिन है बडा सुहाना, दोनों का है   साथ पुराना।
कई वर्षो का साथ तुम्हारा, बढे हमेशा प्यार तुम्हारा।।
लायें हम क्या कलियां चुनकर, क्या दें दें उपहार सुहाना।
इसलिए ये दुआ हैं करते,जनम जनम ये साथ निभाना।।

****बूँद ****

छूट कर तेरे वजूद से बनूँगी मैं भी बूंद सी।
खुद पर इतराऊ कैसे नहीं रहूंगी पहले सी।।
छलकूगीं कुछ  ऎसे उठकर जैसे करती नृत्य सी।
सर उठाकर चलूं मैं खुद पर इठलाती सी।।
एहसास है ये  कि कहीं तो मिलती तुझसे ही।
तुझ बिन नहीं वजूद है मेरा बस तुझमें ही मिलती सी।।

****खुशी ****

आज के दिन ही मिली मैं तुमसे, पाकर तुमको मिली खुशी से।
तुम से ही मैं माँ कहलाई, पहली बार आँखे छलकी खुशी से।।
देख तुम्हें एहसास हुआ ये, जैसे जन्नत पायी तुम्ही से।
तुम से हर स्वप्न है पूरा, तुम आई धरा पर स्वर्ग से।।
नाना-नानी, मौसी-मामा,तुम उनकी दुलारी हो  सबसे।
प्यार दुलार भी मिला खुब है क्योंकि आई पहले सबसे।।
आज सभी की यही दुआ है, फूलो फलों और बढो दिल से।
जहां तलक नजर ये जाती, तुम पहुंचो बस उस मंजिल पे।।

****बंधन ****

क्यों तू फंसती मोह जाल में, बंधन के इस प्रेम जाल में।
नहीं किसी को वक्त यहाँ, क्यों करना उम्मीद जहां में।।
तो दे बंधन छोड दे नाते, पर फैला उड दूर गगन में।
खुशियाँ, प्यार हो जहाँ पे, ले चल मन उस स्वप्न धरा में।।
कोई नहीं हो जहां ये कहता, घुट ले तू अपने ही मन में।
घूमू झूम के उछलू कूदूं, बस अपनी मतवाली धुन में।।

****प्रेम पाश ****

हमने समझा प्यार हुआ था, उनको भी इकरार हुआ था।
बहने लगे हम उस पल में, जिसमें उनका दीदार हुआ था।।
ना सोचा की बुरा भला क्या, दिल को वो लगा भला था।
बढते रहे हम उसके पीछे, नहीं सुना जो शोर था पीछे।।
पलकें मूदें आँखे मिचें, मिलते थे वो इश्क जहां था।
तेरी यादें, बाहें और बातें, हर पल तेरे साथ बुना था।।
क्या थी खबर वो ये कह देंगें, भूल जा जो हमने कहा था।
वो जो दिखता प्यार था, वो ख्वाबों का जाल था।।
तोड चले तुम एक ही पल में, जो कभी स्वप्न संसार था।
ना सोचा तुमने एक पल, दिल में क्या यही प्यार था।।
जो मेरे आँसू ना देखे सोचूँ कभी क्या सच वो प्यार था।
जो मेरी सिसकी ना समझे, क्या वो सचमुच तेरा प्यार था।।
मत पड इस मोह पाश में, हुआ वही जो तेरा आज था।
मान जा दिल अब बात ये,  छल था कोई जो प्यार नहीं था।।

****

कहाँ छिपा दूँ तुझको बता
रख दूँ कहीं दूर अंखियों से
या कर लूँ ख़ुद को दूर बता
मन में जो झांके चुपके से तू
भाग कहाँ मै जाऊँ बता

****खोना ****

आसानी से वो कह गए कि रोना किस बात का,
हमने तो कुछ दिया नहीं फिर खोना किस बात का
कौन कहे कि तुम ही थे सब जो खो गये हमसे,
है रोना इस बात का

****जननी ****

छोटी सी आशा वो मन में लिए, हर पल जीती अपनो के लिए |
करती नहीं गिला कभी वो, सह लेती गम अपनो के दिए ||
रात जाग कर काम करे वो, सुबह उठे पलकों पे ख्वाब लिए |
इधर उधर हर ओर देखे वो, पर कोई नहीं खड़ा उसके लिए ||
माँ की ममता है जो सबकी, कभी अर्धांगिनी का प्यार लिए |
कभी बने वो सखी सहेली, कभी मिले आँचल की छाँव लिए ||
ये जीवन उसकी ही देन है, फिर भी नहीं कुछ उसके लिए |
कोई तो हो जो ये भी कहते दे, आ सब कुछ लुटा दूँ तेरे लिए ||
ना करे कोई अपमान भी उसका, हो थोड़ी इज़्ज़त उसके लिए |
कर दे जो सब कुछ अर्पण, क्या हम ना कुछ करें उसके लिए ||
जिसने ना मांगा कुछ भी, आज रखे ये उपहार उसके लिए |
आओ मिलकर हर्ष मनाए, हम आज उस जननी के लिए ||

****साँवरे ****

तुम बिन हूँ  मैं कहाँ साँवरे, मन में छवि तुम्हारी प्यारे |
तुम बिन हंसी अधूरी जैसे, तुम बिन मेरे आँसू हारे ||
तुम साँसों की सरगम जैसे, तुम बिन सुर लगे ना सारे |
तुम मुरली की तान में गुम हो, तुम बिन सूने ये नज़ारे ||
तुममे खोऊँ तुम्हीं को पा लूँ, बैठी मैं इस दिल को हारे |
तेरी छवि साथ ही रहती, जो जैसे तुम हो साथ हमारे ||
प्रेम भाव से तुम्हें पुकारे, आजा मेरे प्रियतम मेरे प्यारे |
बैठी हूँ मैं आस मिलन में, दिल हरदम तेरी बाँट निहारें ||

आईना

जो बहुत हंसते है अक्सर आईना रुला देता है उन्हे |
हम माने ना माने हक़ीक़त से रूबरू करा देता है हमे ||

****होली आई ****

आई देखो होली आई, खुशियों की फुहार है लायी |
कोई लगाए लाल गुलाल, तो किसीने चुनर हरी रंगायी ||
कोई छिप जाए डाल रंग, तो किसी ने पिचकारी छिपाई |
कहीं खुशियों के रंग, तो कहीं है दुख के बादल  छाए ||
रंग बिरंगे चेहरे निखरे, खुशी हर चेहरे पर छायी |
मिला दें जो रंग दिलों को, ऐसे रंग प्यार के लायी ||
आओ मिल जाए इन रंगो से, जिसकी नहीं है कोई रंगाई |
मिलकर गीत खुशी से गये, देखो देखो होली आई ||

****खास ****

ना कर अफसोस कि जो तू कल था वो आज नहीं
क्या पता वो मिल जाए तुझमें जो कल था खास नहीं

****नयी सोच ****

नई सुबह में नई धूप से, चलो खिले एक नए रुप से।
बीते कल की यादें लेकर, बढें चलें हम उसी प्यार से।।
प्यार जहाँ हो हर पल दिल में, और मिले हम हरपल खुद से।
नहीं हो गम ना रोना कोई , बस प्यार ही छलके अंतर्मन से।।