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Showing posts from September, 2015

*********************दोस्त *******************

हँसते हँसाते  गीत गुनगुनाते चला आता है मुस्कुराते 
जीये जिंदगी खुशियों से दिखे दुख दर्द से दूर भागते 
यार दोस्तों की महफ़िल मे सबको मिले वो रंग जमा दे 
दिल से सच्चा मन  से अच्छा मिल गया अचानक मुझे चौकाते 
दोस्त है पाया तुम में अच्छा यूँ ही रहना मुस्कुराते

************तुम ***********

गुमसुम से जहाँ में हंसी बन गए तुम आँखों की नमी की ख़ुशी बन गए तुम किस तरह करूँ शुक्रिया कहाँ हो तुम
अब तो यहाँ भी और वहां भी हो तुम 
आशा की हर लहर में हो तुम उमीदों की हर किरण में हो तुम दिन उजले और रातों के अंधियारों में तुम कहाँ छिपाऊँ मेरी अब हर बात में हो तुम