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*****हिसाब ****

क्या पाया, क्या खोया, इसका हिसाब प्यार क्या रखे|
जो मिला नसीब से प्यार, क्या हम उसे ना संजो के रखें||
दूर जाना ना कभी हमसे प्यार की कश्ती के मुसाफिर |
कि जब हिसाब हो प्यार का तो उसमें तेरा और मेरा ही नाम रहे||
प्यार दिल में हो इस कदर की आखों में तेरा ही नाम रहे|
जो खोया दिल, तो दर्द पाया है चलो इस दर्द को संभाल कर रखें|

****हार ****

हार गया दिल तुझे याद करके टूट गया दिल फरियाद करके
हाँ अब रात काली है बस..... अब तुम्हारी बारी है

****अधूरापन ****

हाँ अधूरी है बात कोई, अधूरी है रात कोई
अधूरे है ख्वाब की, अधूरे हालात कई
अधूरे से मन की है, अधूरी सी आस कोई
अधूरे हम अधूरे तूम, जैसे ना पास कोई
अधूरा एक पल कहीं, अधूरे दिन रात कहीं
अधूरे ही मन से सही, पुकारे है पास कोई
अधूरा कोई जी रहा है, जैसे अधूरा एहसास कोई
अब तो सुन ले ऐ खुदा, कर दे पूरी बात कोई
कर दे पूरी बात कोई, कर दे पूरी बात कोई

****काश ****

🌹🌹🌹🤗🤗🤗🤗🌹🌹🌹
काश की तू वो सुने जो शब्द नहीं कहे हमने।।
काश की तू भी वो कर दे जो ना चाहा है हमने।।
काश कोई दिन ऐसा हो जो ना देखा हमने।।
काश कभी तू कह दे जो सुनना चाहा इस दिल ने।।
काश तू आए दूर कहीं से सिर्फ मुझसे ही मिलने।।
काश की मैं पहुंच सकूं जब तू बुलाए दिल से।।
काश बहुत है इस जीवन के जो है सोचे हमने।।
काश वो सारे सच हो जाये जो काश है पलके मूदें।।
काश कभी उसको जी लें जो काश बनाये हमने।।
😊🤗🌹🌹🌹🌹🌹🌹🤗😊

****बेजुबान ****

दिल कहता है आज कुछ लिख दें, कि बस में नहीं है आज वो लिख दें|
कब तक यूं ही घुट घुट जीयें, कभी तो करें आगाज, कुछ लिख दें|
मन में अतंरद्वन्द्व कई पर, इनको छोड़, मन की आवाज़  लिख दें|
दबी हंसी और छुपी खुशी से दूर करें सब कयास और लिख दें|
जीवन की इस धूप छांव के, उँचे नीचे पड़ाव सब लिख दें|
लिख दें वो छूटे से लम्हे, कुछ टूटे लम्हात भी लिख दें|
करें कोई जो शोर सा मन में, उसकी चीख पुकार को लिख दें|
जो गर सुन ले एक बार वो, मन के सारे तार वो लिख दें|
दिल कहता है आज कुछ लिख दें, कि बस में नहीं है आज वो लिख दें|

****रूठना ****

रूठ कर ना जाना कभी शबे महफिल से, उठते हैं तूफान ए जज्बात इस दिल में |
मनाना हमको आता है हक से, पर वो मानते नहीं हमसे ||
करो ना गुरूर इतना भी हम से, हम जो चले गए फरियाद करोगे रब से |
आज जो पल मिले जी लो खुशी से , कल ना कहना मिले नहीं हंसी से ||
मनाने रुठने के तजुर्बे हैं ता उम्र से, है यही दुआ ना रुठे जिंदगी ये हमसे |
मान जाओ की जिंदगी है बेवफा, फिर ना कहना 'कहाँ खो गए' हमसे ||

****ख्वाहिश ****

ख्वाहिश नहीं इस दिल की, कोई हमें खुदा समझे|
क्योंकि दिल तो हम रखते हैं इंसानो सा||
खुदा समझकर ना पूजेंगे यही चाहत है |
कुछ ना सही बस ख्याल रखें इसकी ख्वाहिशों का||